Search This Blog

Sunday, November 24, 2019

नारी शक्ति

म्यान से फिर तलवार निकाल प्रहार करो
बन चंडी,तुम असुरों का संहार करो

तुम सहमी हो? वो सहमें कुछ ऐसा हो
हे!द्रौपदी तुम काली का अवतार धरो

जिंदा हो तो होने का एहसास कराओ
मार छलंगी बहता दरिया पार करो

सब की सुनकर कौन है? आगे बढ़ पाया
खुद की सुन ,और पांव चांद के पार धरो

।। विक्रम सिंह ।।


No comments:

Post a Comment